Home शिक्षा  रेल के डिब्बों पर 5 डिजिट के नंबर्स क्यों लिखे हुए रहते है ?

 रेल के डिब्बों पर 5 डिजिट के नंबर्स क्यों लिखे हुए रहते है ?

 दोस्तों आपने देखा होगा की रेल के डिब्बों पर 5 डिजिट के नंबर्स लिखे हुए रहते है और ज्यादातर लोग उसे देखते तो हैं लेकिन समझ नहीं पाते हैं की वह हैं क्या। लेकिन दोस्तों आपको ये जानकर हैरानी होगी की इन पांच अंकों की मदद से आप रेल के डिब्बों के बारे में बहुत सी इनफार्मेशन जान सकते हैँ।इस नंबर के दो पार्ट होते हैं शुरुआती 2 अंक बताते है की उस डिब्बे का निर्माण कौन से साल में हुआ था जबकि लास्ट के 3 अंक रेल डिब्बे की क्लास के बारे में बताते हैं। एग्जांपल के तौर पर मान लीजिए किसी रेल डिब्बे पर कोड 02337 लिखा है तो पहले दो डिजिट्स देखकर ये तो समझ आ जाता है कि इस डिब्बे का निर्माण 2002 में हुआ है। और फिर आखिरी के तीन अंकों में लिखा नंबर अगर 201 से 400 के बीच है तो समझ जाइये की वह स्लीपर क्लास का डिब्बा है।  इसके अलावा 001-025 नंबर फस्ट क्लास के डिब्बों के लिए तय नंबर है। 

025-050 तक के नंबर फर्स्ट क्लास और सेकंड क्लास एक दोनों के डिब्बों पर लिखे हो सकते हैं। सेकंड क्लास के डिब्बों पर 050-100 तक नंबर लिखा होते हैं। तो वहीं थर्ड क्लास एसी डिब्बों पर 101-150 तक का नंबर देखने को मिलता हैं। इसी तरह 401 से 600 तक के नंबर वाले डिब्बे जनरल क्लास को रिप्रेजेंट करते है। इस हिसाब से हमें पता चलता है की यह डिब्बा स्लीपर क्लास का है जो सं 2002 में बना था। है न interesting?

 

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